लखनऊ। उत्तर प्रदेश की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा बंदियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग ने सभी जेल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग के महानिदेशक पी.सी. मीना ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के उपमहानिरीक्षकों, वरिष्ठ अधीक्षकों, अधीक्षकों और प्रभारी अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक कर सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और सुधारात्मक कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।बैठक में महानिदेशक ने कहा कि विभिन्न न्यायालयों में बंदियों की पेशी के लिए प्रस्तावित नई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग यूनिटों की स्थापना निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी यूनिटों को शीघ्र संचालित किया जाए, ताकि बंदियों को न्यायालय ले जाने की आवश्यकता कम हो और पेशी की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, पारदर्शी तथा सुगम बन सके।महानिदेशक ने जेल परिसरों में रहने वाले कर्मचारियों के आवासों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने उपलब्ध बजट का प्रभावी उपयोग करते हुए आवासों के वार्षिक रखरखाव को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।बैठक के दौरान पी.सी. मीना ने कहा कि कारागारों में सुरक्षा व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे सतर्क निगरानी बनाए रखने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बंदियों के पुनर्वास के उद्देश्य से संचालित व्यावसायिक प्रशिक्षण और शैक्षणिक कार्यक्रमों को अधिक उपयोगी एवं प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।लखनऊ स्थित मुख्यालय से आयोजित समीक्षा बैठक में अपर महानिरीक्षक कारागार धर्मेंद्र सिंह, उपमहानिरीक्षक प्रदीप गुप्ता, सुभाष शाक्य, पी.एन. पांडेय, डॉ. रामधनी, वित्त नियंत्रक आबिद अंसारी तथा वरिष्ठ अधीक्षक रंगबहादुर पटेल सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को जारी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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