मुजफ्फरनगर। नचिकेता स्कूल्स में विद्यार्थियों को परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के अनुभवों और जीवन मूल्यों से परिचित कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को ‘दादा-दादी की कहानी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के दादा-दादी ने अपने जीवन के अनुभव, प्रेरक प्रसंग और पुरानी यादों को कहानियों के माध्यम से साझा किया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और रुचि के साथ इन कहानियों को सुना।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती जसबीर कौर ने अतिथियों का स्वागत कर किया। उन्होंने कहा कि परिवार के बुजुर्गों का अनुभव बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे आयोजनों से बच्चों को नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों की सीख मिलती है।इस दौरान दादा-दादी ने संघर्ष, ईमानदारी, पारिवारिक एकता, मित्रता और जीवन के अनुभवों से जुड़ी कई प्रेरक कहानियां सुनाईं। बच्चों ने भी अपने घरों में दादी-नानी से सुनी कहानियों को मंच पर साझा किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण आत्मीयता और पारिवारिक अपनत्व से भर गया।विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या (प्रशासन) विक्की जैन ने कहा कि बदलते समय में संयुक्त परिवारों की परंपरा कम होती जा रही है। ऐसे में विद्यालय का प्रयास है कि बच्चों का अपने बुजुर्गों से जुड़ाव मजबूत हो और वे उनके अनुभवों से सीख लेकर अपने जीवन में अच्छे संस्कार विकसित करें।कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार की ओर से सभी दादा-दादी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद बच्चों ने अपने परिजनों के साथ स्मृति चित्र खिंचवाए। विद्यालय प्रबंधन ने ऐसे कार्यक्रमों को भविष्य में भी आयोजित करने की बात कही, ताकि नई पीढ़ी और बुजुर्गों के बीच संवाद और पारिवारिक मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

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