नई दिल्ली। छात्र आंदोलन के समर्थन में मंगलवार को पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस ने बलपूर्वक अपने साथ ले लिया। सामने आए घटनाक्रम में पुलिसकर्मी उन्हें घेरे हुए ले जाते दिखाई दिए। इस दौरान अखिलेश यादव बार-बार अधिकारियों से पूछते रहे, “कहां ले जा रहे हो?” पुलिस कार्रवाई का वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करार देते हुए कड़ा विरोध जताया है।अखिलेश यादव प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से मिलने और उनकी मांगों के समर्थन में पहुंचे थे। बताया गया कि वह आंदोलनरत विद्यार्थियों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और अपने साथ ले जाने लगे।इस दौरान अखिलेश यादव पुलिस अधिकारियों से यह पूछते दिखाई दिए कि आखिर उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने घटनाक्रम का वीडियो बनाया, जिसमें पुलिसकर्मियों के बीच अखिलेश यादव को ले जाते देखा जा सकता है।समाजवादी पार्टी ने पुलिस के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी का आरोप है कि छात्रों की आवाज उठाने और उनसे मिलने जा रहे एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को इस तरह रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रहार है। पार्टी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया है।छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष पहले से सरकार पर हमलावर है। शिक्षा व्यवस्था, नीट और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक समेत अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार से जवाब मांग रहे हैं। छात्रों के आंदोलन में विपक्ष के बड़े नेताओं के पहुंचने के बाद यह मुद्दा और व्यापक राजनीतिक स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है।वहीं, दिल्ली पुलिस की ओर से अखिलेश यादव को अपने साथ ले जाने की परिस्थितियों पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए गए।समाजवादी पार्टी ने पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाते हुए कहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और आंदोलनरत छात्रों से मिलने के अधिकार को पुलिस बल के जरिए नहीं रोका जाना चाहिए।