मुजफ्फरनगर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में इस बार आस्था के अनेक स्वरूप देखने को मिल रहे हैं। इसी क्रम में मेवात निवासी शिवभक्त जीव पवार 651 लीटर गंगाजल की विशाल कांवड़ लेकर हरिद्वार से अपने गंतव्य की ओर पैदल यात्रा कर रहे हैं। श्रद्धा और संकल्प के साथ निकले इस शिवभक्त की कांवड़ श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।जीव पवार ने बताया कि उन्होंने हरिद्वार स्थित हर की पैड़ी से 651 लीटर पवित्र गंगाजल भरकर अपनी यात्रा शुरू की है। उनका कहना है कि यह यात्रा किसी व्यक्तिगत इच्छा या मनोकामना की पूर्ति के लिए नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण की भावना से की जा रही है। उनके अनुसार धार्मिक आस्था ही उन्हें इस कठिन यात्रा के लिए प्रेरित करती है।उन्होंने बताया कि प्रतिदिन लगभग 20 से 25 किलोमीटर पैदल चलकर वह अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। रास्ते में मिलने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह और सहयोग उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करता है। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल शारीरिक परिश्रम नहीं, बल्कि आत्मिक साधना और अनुशासन का भी प्रतीक है।जीव पवार ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने 560 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठाई थी। इस बार श्रद्धा और विश्वास के साथ कांवड़ का आकार बढ़ाकर 651 लीटर कर दिया है। उनका मानना है कि यदि भगवान शिव की कृपा बनी रही तो आने वाले वर्षों में वह इससे भी बड़ी कांवड़ लेकर यात्रा करेंगे।उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यों में खर्च का कोई महत्व नहीं होता, क्योंकि भगवान की सेवा और भक्ति ही सबसे बड़ा प्रतिफल है। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर मिलने वाली भोजन, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं की भी उन्होंने सराहना की। विशाल कांवड़ के साथ आगे बढ़ रहे जीव पवार को देखने के लिए मार्ग में अनेक श्रद्धालु रुक रहे हैं और उनकी आस्था तथा संकल्प की प्रशंसा कर रहे हैं।