मुजफ्फरनगर। भारतीय नौसेना के अधिकारी के वेतन खाते की बैंक स्टेटमेंट कथित तौर पर उनकी अनुमति के बिना जारी किए जाने के मामले में सिविल लाइंस पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी ने बैंक कर्मचारियों पर मिलीभगत कर खाते की जानकारी उपलब्ध कराने का आरोप लगाया है।शिकायत के अनुसार भारतीय नौसेना में असिस्टेंट नेवल स्टोर ऑफिसर ग्रेड-1 के पद पर तैनात संदीप कुमार पुत्र नरेश कुमार निवासी बसंत विहार, सरवट का भारतीय स्टेट बैंक की आर्य समाज रोड शाखा में वेतन खाता है। आरोप है कि उनके खाते की स्टेटमेंट उनकी जानकारी और अनुमति के बिना अलग-अलग समय पर जारी की गई।शिकायतकर्ता के मुताबिक 10 फरवरी 2026 को शाम 4:07, 4:12 और 4:22 बजे तथा पांच मार्च को दोपहर 3:12 बजे खाते की स्टेटमेंट निकाली गई। उनका कहना है कि उन्होंने न तो इसके लिए कोई आवेदन किया और न ही किसी अन्य व्यक्ति को अपनी ओर से स्टेटमेंट लेने के लिए अधिकृत किया था।मामले में बैंक से जानकारी मांगे जाने पर दिए गए लिखित जवाब में बताया गया कि 10 फरवरी की स्टेटमेंट बैंक कर्मचारी अमित विज और पांच मार्च की स्टेटमेंट कपिल देव ने जारी की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार दोनों कर्मचारी उसकी मूल शाखा के बजाय भारतीय स्टेट बैंक की रेलवे रोड शाखा में कार्यरत थे।शिकायतकर्ता ने बैंक के स्तर पर हुई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उसके खाते की जानकारी दूसरे व्यक्ति के आवेदन और केवाईसी दस्तावेजों के आधार पर उपलब्ध कराई गई। उसने मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों के साथ भारतीय रिजर्व बैंक से भी की थी।भारतीय रिजर्व बैंक कार्यालय देहरादून से 30 अप्रैल को भेजे गए जवाब में बैंक के स्पष्टीकरण का उल्लेख करते हुए बताया गया कि संबंधित स्टेटमेंट तिलोक चंद निवासी शकुंतलम आवास विकास कॉलोनी, सिविल लाइंस की ओर से दिए गए आवेदन और केवाईसी दस्तावेजों के आधार पर जारी हुई थीं।शिकायतकर्ता ने मामले में फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों के कथित इस्तेमाल की जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि खाते की स्टेटमेंट किसके अनुरोध पर और किन दस्तावेजों के आधार पर जारी की गई थी।