शामली। अयोध्या सदर तहसील में लेखपालों से जुड़े प्रकरण और एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन व विजिलेंस की कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शामली तहसील के लेखपालों ने कलमबंद हड़ताल की। लेखपालों ने कार्य बहिष्कार करते हुए धरना-प्रदर्शन किया और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।लेखपालों का कहना है कि अयोध्या सदर तहसील में 20 अगस्त को हुई घटना के बाद जिस तरह लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई की गई, उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। संघ ने मांग की कि मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच में सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी शामिल किया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।संघ के अनुसार प्रदेशभर की 351 तहसीलों में लेखपालों ने आंदोलन में भाग लिया। शामली में भी लेखपालों ने कार्य से विरत रहकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान समाधान दिवस का बहिष्कार भी किया गया, जिससे राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित रहे।लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का विरोध नहीं करता। यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी कर्मचारी को बिना निष्पक्ष जांच के दोषी ठहराना स्वीकार नहीं किया जाएगा। संघ ने ट्रैप कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की भी मांग की।संघ पदाधिकारियों ने कहा कि राजस्व मामलों में शिकायत मिलने पर शिकायत की सत्यता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि और संबंधित लेखपाल के अधिकार क्षेत्र समेत सभी तथ्यों की जांच जरूरी है। उनका कहना है कि कार्रवाई की प्रक्रिया पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए।लेखपाल संघ ने मांग की कि जांच में यदि किसी स्तर पर कार्रवाई गलत पाई जाती है तो संबंधित लेखपाल को न्यायोचित राहत दी जाए। साथ ही एंटी करप्शन ऑर्गेनाइजेशन और विजिलेंस की कार्रवाई के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी प्रक्रिया निर्धारित की जाए। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।