मुजफ्फरनगर। भोपा थाना क्षेत्र के गांव सीकरी में सरकारी मवेशीखाने की जमीन पर अवैध कब्जे और कथित फर्जी बैनामे कराने का मामला सामने आया है। गांव निवासी गुलाम मोहम्मद ने जिलाधिकारी को शिकायत देकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।शिकायत के अनुसार गांव के बस स्टैंड के निकट स्थित खसरा संख्या 1991 की भूमि राजस्व अभिलेखों में सरकारी मवेशीखाने के नाम दर्ज है। शिकायतकर्ता ने भूमि की कीमत करीब 75 से 80 लाख रुपये बताई है। आरोप है कि गांव निवासी अतीकुर्रहमान और नजीबुर्रहमान ने सरकारी भूमि को निजी संपत्ति दर्शाते हुए अपनी-अपनी पत्नियों के नाम बैनामे करा दिए।गुलाम मोहम्मद का कहना है कि उक्त भूमि पर पूर्व में लंबे समय तक सरकारी मवेशीखाना संचालित रहा है। मौके पर आज भी पशुओं के चारा खाने का कुंड मौजूद होने की बात शिकायत में कही गई है। उनका आरोप है कि सरकारी भूमि पर निजी स्वामित्व दर्शाकर किए गए बैनामों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।शिकायतकर्ता के मुताबिक इस मामले में पहले भी प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है। इसके बाद एसडीएम जानसठ के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर सरकारी बोर्ड लगवाया था तथा भूमि से कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आरोप है कि विवादित भूमि में अवैध रूप से रास्ता खोल दिया गया।गुलाम मोहम्मद ने डीएम से खसरा संख्या 1991 की राजस्व अभिलेखों के आधार पर पैमाइश कराने, कथित बैनामों की जांच करने और सरकारी भूमि की स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की है। साथ ही अवैध रास्ते को बंद कराने तथा यदि जांच में आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।