मुजफ्फरनगर। शाहपुर विकासखंड के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) परशुराम राम का कथित वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वीडियो में मनरेगा कार्यों में कथित कमीशनखोरी से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन ने वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों की जांच के लिए दो सदस्यीय संयुक्त समिति गठित की है।मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर ने प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी उपायुक्त स्वत: रोजगार केएन पांडेय को सौंपी है। जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया को समिति का सदस्य बनाया गया है। समिति को वायरल वीडियो से संबंधित सभी तथ्यों, आरोपों और उपलब्ध अभिलेखों की पड़ताल कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन ने जांच के दौरान तत्कालीन बीडीओ परशुराम राम को शाहपुर विकासखंड से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी ने इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।शाहपुर विकासखंड के कामकाज पर असर न पड़े, इसके लिए बीडीओ अरविंद कुमार त्यागी को शाहपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनके जिम्मे विकासखंड के प्रशासनिक और विकास संबंधी कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी रहेगी।वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों को लेकर प्रशासन ने अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। जांच समिति वीडियो की सत्यता, उसमें लगाए गए आरोपों और संबंधित सरकारी अभिलेखों की पड़ताल करेगी। इसके अलावा उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और आगे की विभागीय कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।