नई दिल्ली। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। धमकी एक गुमनाम पत्र के जरिए दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके कार्यालय ने केंद्र सरकार से जांच कराने के साथ सुरक्षा की समीक्षा कर उसे और मजबूत करने का आग्रह किया है।जानकारी के अनुसार, मंगलवार को चिराग पासवान के नाम से एक बिना हस्ताक्षर वाला पत्र मिला। इसमें धमकी से संबंधित संदेश के साथ दो मोबाइल नंबर भी लिखे गए थे। पत्र में दावा किया गया कि चिराग पासवान को कट्टर आतंकवादियों से खतरा है और उन्हें जल्द जान से मार दिया जाएगा।धमकी भरा पत्र मिलने के बाद चिराग पासवान के निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया। उन्होंने पत्र की सत्यता, धमकी के स्रोत और इसके पीछे की मंशा की गहन जांच कराने का अनुरोध किया है।मंत्री के कार्यालय की ओर से उनकी सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा करने को कहा गया है। खासकर आगामी सार्वजनिक कार्यक्रमों और यात्राओं को देखते हुए सुरक्षा इंतजामों को और पुख्ता करने की मांग की गई है। मामले की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ सीआरपीएफ और बिहार सरकार को भी दी गई है।चिराग पासवान को पहले से जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। ताजा धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से ले रही हैं। पत्र में दर्ज मोबाइल नंबरों और धमकी की वास्तविकता की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसके पीछे कौन लोग हैं और धमकी कितनी गंभीर है।इससे पहले भी चिराग पासवान को सोशल मीडिया के माध्यम से जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आ चुका है। हालांकि मौजूदा धमकी और किसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है।