बागपत। काठा गांव के जंगल में हाईवे किनारे मिले 14 वर्षीय किशोरी के अधजले शव के मामले का पुलिस ने करीब 25 दिन बाद पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में मथुरा निवासी अमन सागर और उसकी पत्नी रचना को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर किशोरी की गला घोंटकर हत्या की और इसके बाद शव को बोरे में बंद कर स्कूटी से दिल्ली से बागपत लाकर फेंक दिया। पहचान छिपाने के लिए शव के चेहरे पर तेजाब डालने के बाद पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई थी।13 अगस्त को काठा गांव के पास नेशनल हाईवे किनारे एक प्लाट में बोरे के अंदर किशोरी का अधजला शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। शव का चेहरा बुरी तरह जला हुआ था, जिससे उसकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया था। पुलिस ने मामले को ब्लाइंड मर्डर मानकर जांच शुरू की। एसओजी, सर्विलांस और फोरेंसिक टीमों को जांच में लगाया गया। टीमों ने दिल्ली से बागपत तक के रास्ते में लगे करीब 600 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और करीब दो हजार संदिग्ध वाहनों की जांच की।जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध स्कूटी के बारे में सुराग मिला। सीसीटीवी फुटेज में एक युवक और महिला स्कूटी से जाते दिखाई दिए थे। पुलिस ने स्कूटी के संबंध में जानकारी जुटाई तो उसका कनेक्शन मथुरा निवासी अमन सागर से मिला। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में उस मकान तक पहुंची, जहां अमन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ किराये पर रह रहा था। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही मकान खाली किया जा चुका था। मकान मालिक से मिले दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने अमन की तलाश शुरू की।जांच में मृतका की पहचान मथुरा निवासी 14 वर्षीय परी के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, परी के परिवार के घर के सामने अमन की कपड़े की दुकान थी। इसी वजह से परी का अमन के परिवार से संपर्क था। अमन बच्चों को खिलाने और उनके साथ खेलने के बहाने परी को अपने घर बुलाता था। बाद में दोनों के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर अमन और उसकी पत्नी के बीच विवाद होने लगा। पुलिस के अनुसार, दिल्ली में रहने के दौरान भी इसी बात को लेकर दंपती के बीच कई बार विवाद हुआ।पुलिस का दावा है कि विवाद से परेशान होकर अमन और रचना ने परी की हत्या करने की योजना बनाई। 12 अगस्त की सुबह दिल्ली स्थित किराये के कमरे में अमन ने परी का गला घोंट दिया, जबकि उसकी पत्नी ने उसके हाथ पकड़ रखे थे। हत्या के बाद शव को बोरे में बंद कर दिया गया। रात होने पर दोनों ने शव को स्कूटी पर रखा और दिल्ली से बागपत पहुंचे। काठा गांव के पास हाईवे किनारे शव को फेंकने के बाद पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे पर तेजाब और पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए दिल्ली का किराये का मकान भी खाली कर दिया और अपने बच्चों के साथ हाथरस चले गए। वहां दोनों किराये का मकान लेकर रहने लगे। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुंचने में जुटी थी। आखिरकार पुलिस ने लोनी-बागपत सीमा के पास से अमन और उसकी पत्नी रचना को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी बरामद की है।पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने हत्या के बाद पुलिस से बचने के लिए अपराध आधारित टीवी कार्यक्रमों से तरीके सीखने की कोशिश की थी। उन्हें लगा था कि चेहरे को जला देने और शव को दूसरे जिले में फेंकने से मृतका की पहचान नहीं हो पाएगी और वे पुलिस की पकड़ से बच जाएंगे। हालांकि सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और फोरेंसिक जांच के जरिए पुलिस ने हत्या की कड़ियां जोड़ते हुए दोनों आरोपियों तक पहुंच बनाई।पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बताया कि ब्लाइंड मर्डर के खुलासे में सर्विलांस, सीसीटीवी और फोरेंसिक साक्ष्यों की अहम भूमिका रही। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। मामले का सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम के लिए 50 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की गई है।