मुजफ्फरनगर। शहर में लगाए गए कुछ होर्डिंग को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। होर्डिंग पर ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ जैसे शब्द लिखे गए हैं। इनमें सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विपक्षी नेताओं के चित्र लगाए जाने की बात सामने आई है। सपा ने इसे लेकर पुलिस-प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने आरोप लगाया कि इन होर्डिंग को लगवाने में भाजपा के एक मंत्री के भाई की भूमिका है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की कि होर्डिंग तैयार कराने से लेकर उन्हें शहर में लगवाने तक कौन-कौन लोग शामिल रहे।जिया चौधरी के मुताबिक, कुछ होर्डिंग ऐसे स्थानों पर भी लगाए गए, जिनका संबंध मंत्री के भाई से बताया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि संबंधित स्थान पर होर्डिंग लगाने की अनुमति दी गई थी तो उसकी जिम्मेदारी किसकी थी और विवादित सामग्री की जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।सपा जिलाध्यक्ष ने एसएसपी आवास के आसपास भी ऐसे होर्डिंग लगाए जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की घटनाओं से मुजफ्फरनगर का इतिहास जुड़ा है और इस तरह के संदेशों से पुराने मामले फिर चर्चा में आ सकते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन को सतर्कता बरतनी चाहिए।उन्होंने पुलिस से होर्डिंग लगाने वाले लोगों और विज्ञापन एजेंसी की भूमिका की जांच करने की मांग की है। साथ ही यह भी पता लगाने को कहा है कि होर्डिंग लगाने के लिए किससे अनुमति ली गई थी और उनका खर्च किसने वहन किया।फिलहाल इस पूरे मामले में आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। होर्डिंग किसने लगवाए और इसके पीछे किसकी भूमिका है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। विवाद के चलते जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।