शामली। दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे पर देर शाम हुए सड़क हादसे में ग्रेटर नोएडा की कंपनी में कार्यरत शोध वैज्ञानिक विशाल की मृत्यु हो गई। वह दिल्ली से कार द्वारा यमुनानगर स्थित अपने घर लौट रहे थे। बाबरी थाना क्षेत्र में हुए हादसे के बाद उनकी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।विशाल ग्रेटर नोएडा स्थित टेवा एपीआई इंडिया लिमिटेड में शोध वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत थे। परिवार के अनुसार, शनिवार को कंपनी का वार्षिक कार्यक्रम था, जिसमें वह परिवार के साथ शामिल होने वाले थे। इसी सिलसिले में वह शुक्रवार को यमुनानगर के लिए रवाना हुए थे। उन्हें अपने करीब एक वर्षीय बेटे से मिलने की भी खुशी थी, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं।बताया गया कि विशाल के पिता अभिन्नी कुमार यमुनानगर में दंत चिकित्सक थे। करीब 15 वर्ष पहले उनका निधन हो चुका है। उनकी मां पूनम गांव बहारमपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। परिवार में पत्नी प्रिया और छोटा बेटा है।विशाल के मित्र सुमित कुमार ने बताया कि वह करीब पांच वर्ष से उनके साथ काम कर रहे थे। शुक्रवार को विशाल के दोस्त शुभम कार लेकर दिल्ली से निकले थे। रास्ते में पेट्रोल पंप पर रुकने के दौरान विशाल ने सुमित से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने यमुनानगर जाने के लिए किसी सवारी का इंतजार करने की बात कही थी। करीब आधे घंटे तक इंतजार करने के बाद वह अकेले ही कार से यमुनानगर के लिए निकल गए।इसके करीब डेढ़ घंटे बाद शामली पुलिस ने सुमित को फोन कर हादसे की सूचना दी। कुछ समय पहले ही फोन पर बात होने के कारण पहले तो परिवार और दोस्तों को घटना पर विश्वास नहीं हुआ। शनिवार सुबह परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो वहां परिवार में कोहराम मच गया।बाबरी थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि हादसे के बाद कार के अंदर युवक का शव मिला था। आसपास जांच की गई, लेकिन फिलहाल किसी अन्य वाहन के हादसे में शामिल होने की जानकारी नहीं मिली है। क्षतिग्रस्त कार को हाइड्रा की मदद से हटवाया गया। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।