मुजफ्फरनगर, 28 सितंबर 26। विकास भवन सभागार में जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमलकिशोर देशभूषण की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पोषण से जुड़ी योजनाओं की प्रगति के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।मुख्य विकास अधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी सुशील कुमार समेत सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों और प्रभारियों से कहा कि जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को संबंधित खंड विकास अधिकारियों के साथ समन्वय कर कायाकल्प के 18 बिंदुओं से संतृप्त कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रों पर बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होना चाहिए।कायाकल्प कार्यों की नियमित निगरानी के लिए प्रत्येक 15 दिन में बाल विकास परियोजना अधिकारी और खंड विकास अधिकारी की संयुक्त समीक्षा बैठक कराने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों और मुख्य सेविकाओं को हर माह आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में भेजने को कहा गया।बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार की आपूर्ति समय से नहीं होने का मुद्दा भी उठा। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित नैफेड प्रभारी और निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, उत्तर प्रदेश को पत्र भेजने के निर्देश दिए, ताकि पोषाहार की आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के आवेदन के लिए आवश्यक एमसीपी कार्ड की उपलब्धता की भी समीक्षा हुई। कार्ड की कमी पर मुख्य चिकित्साधिकारी को तत्काल कार्ड मुद्रित कराकर एएनएम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, जिससे पात्र महिलाओं को योजना का लाभ लेने में परेशानी न हो।बैठक में उपायुक्त एनआरएलएम, मुख्य चिकित्साधिकारी के प्रतिनिधि, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी और मुख्य सेविकाएं मौजूद रहीं।