सहारनपुर। दशहरे की छुट्टियों में घूमने निकले पांच दोस्तों के लिए सफर जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ। रविवार तड़के नागल थाना क्षेत्र के बेलड़ा गोल चक्कर के पास उनकी थार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में चीख-पुकार मच गई। त्योहार की खुशियों के बीच तीन परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।जानकारी के अनुसार, पांचों दोस्त आगरा से मसूरी घूमने के लिए निकले थे। रविवार सुबह करीब चार बजे उनकी थार बेलड़ा गोल चक्कर के पास पहुंची। इसी दौरान गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी। घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।हादसे में साहिल तिवारी (25), राहुल सिंह (25) और सक्षम गौतम (22) की मौत हो गई। वहीं सचिन और हेमंत वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे। जवान बेटों के शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।राहुल सिंह के पिता ने बताया कि उनका बेटा शनिवार दोपहर करीब तीन बजे गाड़ी लेकर घर से निकला था। रात में फोन पर उसने घूमने जाने की जानकारी दी थी। पिता ने उसे रात में सफर करने से मना भी किया था, लेकिन राहुल नहीं माना। रविवार सुबह हादसे की सूचना मिली तो परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। बेटे की मौत की खबर सुनकर पिता बेसुध हो गए।सक्षम गौतम के पिता ने बताया कि उनका बेटा तीन दिन की छुट्टी लेकर घूमने जाने की तैयारी कर रहा था। परिवार को जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस बेटे को उन्होंने हंसी-खुशी घर से विदा किया है, वह कभी वापस नहीं लौटेगा। हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां बेटे का शव देखकर उनका बुरा हाल हो गया।हादसे में जान गंवाने वाले साहिल तिवारी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। साहिल घर का इकलौता बेटा था। उसके पिता बीएसएफ में कार्यरत हैं और उनकी तैनाती बेंगलुरु में बताई गई है। साहिल अपनी मां और बहन के साथ दिल्ली में रहता था। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद मां और बहन सदमे में हैं। परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।हादसे में घायल सचिन ने बताया कि वह एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर के पद पर काम करता है, जबकि सक्षम एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। सभी दोस्त शनिवार रात करीब नौ बजे आगरा से मसूरी के लिए निकले थे। सचिन गाड़ी की पिछली सीट पर बैठा था। हादसे के बाद उसे चोटें आईं। जब उसे होश आया तो वह सड़क पर पड़ा था। बाद में उसे अपने दोस्तों की मौत की जानकारी मिली।दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। हादसे में थार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। घूमने की योजना बनाकर घर से निकले पांच दोस्तों में से तीन की मौत ने त्योहार की खुशियों को मातम में बदल दिया। परिवारों को अब अपने जवान बेटों की यादें ही सहारा हैं।