मुजफ्फरनगर। देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों की याद में बुधवार को मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस दौरान शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीदों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति उनके समर्पण को याद किया।कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय समेत जिले के अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सुबह करीब नौ बजे आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शहीद जवानों के सम्मान में पुलिसकर्मियों ने सिर झुकाकर उनके बलिदान को नमन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक का संदेश भी पढ़कर सुनाया गया।पुलिस विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, एक सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच देशभर में ड्यूटी के दौरान 154 पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। इनमें उत्तर प्रदेश पुलिस के आठ जवान भी शामिल हैं। कार्यक्रम में इन सभी जवानों को याद करते हुए उनके अदम्य साहस और कर्तव्य के प्रति निष्ठा को सलाम किया गया।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पुलिसकर्मी विपरीत परिस्थितियों में भी जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार काम करते हैं। अपराधियों से मुकाबला करने से लेकर आमजन की जान-माल की रक्षा तक, उनकी जिम्मेदारियां चुनौतीपूर्ण होती हैं। ऐसे में कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए जवानों का त्याग हमेशा पुलिस बल को प्रेरणा देता रहेगा।पुलिस स्मृति दिवस मनाने का संबंध 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में हुई घटना से है। उस दौरान चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवान शहीद हो गए थे। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दिन देशभर में पुलिस बल के शहीद साथियों को श्रद्धांजलि देकर उनके योगदान को याद किया जाता है।कार्यक्रम में एसपी सिटी अमृत जैन, एसपी देहात आदित्य बंसल, एसपी क्राइम कुशलेंद्र सिंह, एसपी ट्रैफिक अतुल कुमार और सहायक पुलिस अधीक्षक देवव्रत सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से काम करने का संकल्प लिया।पुलिस स्मृति दिवस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि देश की सुरक्षा और जनता की सेवा में प्राणों का बलिदान देने वाले जवानों का योगदान सदैव याद रखा जाएगा। उनका साहस और कर्तव्यपरायणता पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य के लिए प्रेरणास्रोत है।