नई दिल्ली। उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने के बाद देशभर में इस फैसले को लेकर सामाजिक और राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इसी संदर्भ में प्रसिद्ध लोकगायिका नेहा सिंह राठौर ने अपने बयान में कहा कि यह निर्णय “बेटियों के साहस और न्यायिक विश्वास को कमजोर करने वाला” है।
नेहा सिंह ने कहा कि जिस केस ने देश को झकझोर दिया था, उसमें दोषी व्यक्ति को राहत मिलना बेहद चौंकाने वाला है। उनके अनुसार, इससे उन परिवारों का हौसला टूटता है, जो वर्षों तक न्याय पाने के लिए संघर्ष करते हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के बीच ऐसे फैसले समाज में गलत संदेश देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार आवाज़ उठाने वालों पर भी कार्रवाई कर दी जाती है, जिससे लोकतांत्रिक वातावरण प्रभावित होता है।
नेहा सिंह ने उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहाँ भी पीड़िता के परिजन न्याय के लिए लगातार गुहार लगा रहे हैं, परंतु सुनवाई की रफ्तार धीमी होने से वे निराश हैं।
उन्होंने महिलाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे संवेदनशील मामलों में न्याय के लिए एकजुट होकर अपनी बात पुरज़ोर तरीके से रखते रहें।
