बागपत। जनपद के मलकपुर स्थित एक चीनी मिल में मंगलवार को वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) में जहरीली गैस के रिसाव ने गंभीर हादसे का रूप ले लिया। इस दुर्घटना में ड्यूटी पर मौजूद एक सुरक्षा गार्ड की जान चली गई, जबकि छह अन्य कर्मचारी गैस के असर से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। एक कर्मचारी की हालत नाजुक बनी हुई है, जिसे मेरठ के उच्च चिकित्सालय में रेफर किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिल का पेराई कार्य 2 अप्रैल को बंद हो चुका था और अधिकांश स्टाफ अवकाश पर था। इसी बीच मंगलवार शाम सुरक्षा गार्ड सुरेश शर्मा, निवासी बड़ौत, नियमित जांच के तहत ईटीपी प्लांट में लाइट चालू करने पहुंचे। जैसे ही वे अंदर गए, वहां पहले से फैली जहरीली गैस की चपेट में आकर उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई।
आवाज सुनकर दूसरा गार्ड प्रदीप, लेबर ठेकेदार का पुत्र हामिद और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन वे भी गैस के प्रभाव से अचेत होने लगे। कुछ ही देर में प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अन्य कर्मचारियों की मदद से सभी प्रभावितों को तुरंत बाहर निकालकर नजदीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सुरेश शर्मा की मौत हो गई, जबकि अन्य कर्मचारियों का उपचार जारी है। दो की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि एक की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे मेरठ भेजा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे और मिल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने उचित कार्रवाई की मांग करते हुए पोस्टमार्टम प्रक्रिया को भी रोकने की कोशिश की।
पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार रॉय ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता दिलाई गई। उन्होंने कहा कि गैस रिसाव के कारणों की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
