ग्रेटर नोएडा। दो साल की बच्ची की हत्या के करीब तीन साल पुराने मामले में अदालत ने उसके पड़ोसी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।मामला सूरजपुर थाना क्षेत्र के देवला गांव का है। सात अप्रैल 2023 को मंजू अपनी दो वर्षीय बेटी मानसी और सात माह के बेटे को घर पर छोड़कर बाजार गई थी। वापस लौटने पर मानसी घर में नहीं मिली। काफी तलाश करने के बाद भी बच्ची का पता नहीं चला। इसके बाद उसके पिता शिवकुमार ने पुलिस को सूचना दी और अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस मकान में बच्ची का परिवार किराये पर रहता था, उसी मकान के एक कमरे में राघवेन्द्र सिंह उर्फ राघव भी रहता था। घटना के दो दिन बाद उसके कमरे से दुर्गंध आने लगी। कमरे के दरवाजे के नीचे से खून दिखाई देने पर लोगों को शक हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे का ताला तोड़ा तो दरवाजे के पीछे रखे बैग से बच्ची का शव बरामद हुआ।पुलिस ने जांच के बाद राघवेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि वह ट्रेन से अपने गांव बलिया भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस की पूछताछ में उसकी निशानदेही पर रसोई की स्लैब के नीचे से खून से सनी शॉल भी बरामद हुई। जांच में सामने आया कि इसी शॉल से बच्ची का मुंह बांधा गया था।पोस्टमार्टम में बच्ची की मौत दम घुटने से होने की पुष्टि हुई। पुलिस के अनुसार आरोपी आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था और उसे बच्ची के पिता के बैंक खाते में रुपये होने की जानकारी थी। उसने फिरौती के लिए बच्ची का अपहरण किया था, लेकिन बाद में मामला खुलने के डर से उसकी हत्या कर दी।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह पेश किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर राघवेन्द्र को बच्ची की हत्या का दोषी माना। अदालत ने उसे उम्रकैद के साथ 70 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।