मुजफ्फरनगर, 31 जनवरी 2026। मुजफ्फरनगर में उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के बाहर जले हुए गोवंश के अवशेष पाए जाने की सूचना फैली। घटना की जानकारी मिलते ही कई गौसेवा संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी जताते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए माहौल गरम हो गया और पुलिस से बहस भी हुई। स्थिति बिगड़ने की आशंका पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि घटना की गंभीरता से जांच होगी।
पुलिस ने पशु अवशेषों को कब्जे में लेकर पशु चिकित्सकीय पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवशेष वहां कैसे पहुंचे।
गौसेवा संगठनों के प्रतिनिधियों ने नगर क्षेत्र में बेसहारा गोवंश की देखभाल और सुरक्षित निस्तारण की स्थायी व्यवस्था की मांग की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
