मुजफ्फरनगर। लगातार हो रही बारिश ने भोपा क्षेत्र के गांव तिस्सा में एक गरीब परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के कारण कमजोर हुआ कच्चा मकान सोमवार सुबह अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि छत से मिट्टी और मलबा गिरने की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य समय रहते बाहर निकल आए। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। मकान गिरने के बाद परिवार की पूरी गृहस्थी मलबे में दब गई और उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।गांव तिस्सा निवासी सूरजमल धीमान का मकान काफी पुराना और जर्जर हालत में था। मकान कच्ची ईंटों और लकड़ी की शहतीरों से बना हुआ था। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण मकान की छत और दीवारों में सीलन आ गई थी। लगातार पानी पड़ने से कच्ची दीवारें कमजोर हो गई थीं। सोमवार सुबह परिवार के लोग मकान के अंदर मौजूद थे। इसी दौरान छत से मिट्टी गिरने लगी। खतरा महसूस होते ही परिवार के सभी सदस्य आनन-फानन में मकान से बाहर निकल गए।परिवार के लोग बाहर निकले ही थे कि कुछ देर बाद मकान की छत और दीवारें भरभराकर नीचे आ गिरीं। देखते ही देखते पूरा मकान मलबे में तब्दील हो गया। मकान के अंदर रखा राशन, कपड़े, बर्तन और अन्य घरेलू सामान भी मलबे के नीचे दब गया। परिवार ने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई, लेकिन घर और गृहस्थी का सामान गंवाने के बाद उनके सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट पैदा हो गया है।सूरजमल धीमान ने बताया कि मकान पहले से ही जर्जर था और बारिश के कारण उसकी हालत और खराब हो गई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह मकान की मरम्मत कराने की स्थिति में नहीं थे। सुबह अचानक छत से मिट्टी गिरने लगी तो परिवार के सभी लोग बाहर निकल आए। कुछ ही देर बाद मकान गिर गया। यदि परिवार समय रहते बाहर नहीं निकलता तो बड़ा हादसा हो सकता था।मकान गिरने के बाद सूरजमल की पत्नी शिमला और उनकी चार बेटियां नीतू, अंतिम, मोनिका और जोनिता के सामने भी रहने की समस्या खड़ी हो गई है। बारिश के मौसम में मकान पूरी तरह गिर जाने से परिवार के पास सिर छिपाने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं बचा है। घर का जरूरी सामान भी मलबे में दबकर खराब हो गया है।घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और परिवार की मदद की। ग्रामीणों ने मलबे में दबे सामान को निकालने का प्रयास किया। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और इस समय उसे तत्काल प्रशासनिक मदद की जरूरत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।ग्रामीणों ने अधिकारियों से यह भी मांग की है कि परिवार को सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाकर पक्का मकान उपलब्ध कराया जाए, ताकि भविष्य में परिवार को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान जिले में कई पुराने और जर्जर मकान खतरे की स्थिति में हैं। ऐसे मकानों का सर्वे कराकर जरूरतमंद परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थान या आवास उपलब्ध कराया जाना चाहिए।मकान गिरने की घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। परिवार के लोगों के समय रहते बाहर निकल जाने से उनकी जान बच गई। हालांकि मकान गिरने से परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार अब प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए बैठा है।

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