लखनऊ। गोंडा में निषाद समाज से जुड़े कारोबारी विनोद साहनी की हत्या का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। घटना के विरोध में प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने पहले लखनऊ में धरना दिया और बाद में गोंडा पहुंचकर समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया।बताया गया कि विनोद साहनी पर सोशल मीडिया पर की गई कुछ पोस्ट को लेकर विवाद के बाद हमला हुआ था। गंभीर हालत में उन्हें उपचार के लिए लखनऊ लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद निषाद समाज में आक्रोश फैल गया और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी।मामले में पुलिस ने अब तक कई आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, पुलिस स्तर पर लापरवाही के आरोपों के बाद संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। इसके बावजूद परिवार और निषाद समाज की ओर से कार्रवाई को लेकर असंतोष जताया गया।संजय निषाद ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उनके धरने में अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े नेता भी पहुंचे। गोंडा में प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों ने आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।मामले ने ऐसे समय में राजनीतिक रंग पकड़ा है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं। निषाद समाज प्रदेश के कई विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की स्थिति में माना जाता है। ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख सहयोगी नेता का इस मुद्दे पर खुलकर सरकार से जवाब मांगना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।