मुजफ्फरनगर। सिंचाई विभाग से जुड़े ठेकेदारों ने बकाया भुगतान नहीं मिलने पर मंगलवार को महावीर चौक स्थित विभागीय कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। ठेकेदारों का दावा है कि उनके करीब 24 से 25 करोड़ रुपये लंबे समय से अटके हुए हैं। भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदारों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।ठेकेदारों के अनुसार, करीब 50 से 60 लोग पिछले दो साल से अपने भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि विभाग के लिए कई काम पूरे किए जा चुके हैं, लेकिन उनकी रकम नहीं मिली है। ठेकेदारों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कार्यों का भुगतान शासन स्तर से होने के बावजूद उन्हें पैसा नहीं मिल पाया है।धरने पर बैठे ठेकेदारों ने विभाग को 11 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा है। इसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में कराए गए कार्यों की बकाया रकम जारी करने और चालू वित्तीय वर्ष में कराए गए कामों का भुगतान करने की मांग की गई है। इसके अलावा नालों की सफाई और अन्य कार्यों की लंबित रकम देने की मांग भी उठाई गई है।ठेकेदारों ने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और नियमों के अनुसार अनुबंध तैयार करने की मांग की है। उनका कहना है कि निविदाओं से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं और तकनीकी योग्यता पूरी करने वालों को ही प्रक्रिया में शामिल किया जाए। इसके साथ ही विभाग में भुगतान संबंधी व्यवस्था सुधारने की मांग भी की गई है।ठेकेदारों ने विभाग से 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई शुरू करने और लिखित जवाब देने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक बकाया भुगतान और अन्य समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा।फिलहाल बकाया रकम और अन्य मांगों को लेकर ठेकेदारों ने आंदोलन शुरू किया है। इस मामले में विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही भुगतान की स्थिति और आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।