मुजफ्फरनगर, संवाददाता। शुकतीर्थ में गंगा नदी के लगातार घटते जलस्तर को लेकर रविवार को संत समाज और स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। संतों ने घाटों पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और तीर्थनगरी में बिगड़ती व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि गंगा की धारा घाटों से दूर होने के कारण श्रद्धालुओं को स्नान के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि नाविकों और छोटे व्यापारियों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि तीर्थस्थल के विकास पर भारी धनराशि खर्च किए जाने के बावजूद कई जरूरी सुविधाएं बदहाल हैं। घाटों के आसपास सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और कई स्थानों पर गंदगी के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।संतों ने कहा कि गर्मी के मौसम और ज्येष्ठ माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शुकतीर्थ पहुंचते हैं, लेकिन गंगा में पर्याप्त जल नहीं होने से धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय नाविकों ने भी चिंता जताते हुए बताया कि जलस्तर कम होने से नौका संचालन मुश्किल हो गया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है।महिला श्रद्धालुओं ने अलग स्नान घाट और बेहतर सुविधाओं की मांग उठाई। उनका कहना है कि तीर्थस्थल पर आने वाली महिलाओं को कई प्रकार की असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। श्रद्धालुओं ने घाटों की नियमित सफाई और आधारभूत सुविधाओं में सुधार की मांग की।प्रदर्शन में कई संत-महात्मा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। संत समाज ने प्रशासन से गंगा में पर्याप्त जल प्रवाह सुनिश्चित करने तथा शुकतीर्थ को प्रमुख धार्मिक स्थलों की तर्ज पर विकसित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।