मुजफ्फरनगर। सदर विधानसभा क्षेत्र के गांव बिलासपुर में आयोजित किसान पंचायत में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की प्रस्तावित लैंड पूलिंग योजना के खिलाफ किसानों ने कड़ा विरोध जताया। पंचायत में बड़ी संख्या में जुटे किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी स्थिति में अपनी उपजाऊ कृषि भूमि नहीं देंगे और योजना के विरोध में संघर्ष जारी रखेंगे।
पंचायत में किसानों ने आरोप लगाया कि लैंड पूलिंग योजना के माध्यम से कृषि भूमि को अधिग्रहित करने की तैयारी की जा रही है, जिससे हजारों परिवार प्रभावित होंगे। पंचायत के संयोजक अधिवक्ता सुकेश कुमार ने कहा कि शुरुआत में सीमित क्षेत्र की भूमि प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसका दायरा बढ़ाकर लगभग 284 हेक्टेयर तक कर दिया गया, जिससे कई गांवों के किसान प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर, शेरनगर, धंधेड़ा, सरवट, अलमासपुर और कुकड़ा सहित कई गांव योजना की जद में हैं। पंचायत में मौजूद किसानों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि कोई भी किसान किसी प्रकार के समझौते, दस्तावेज या गोपनीय बैठक का हिस्सा नहीं बनेगा।
किसानों ने यह भी बताया कि लगभग 3500 किसानों को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से करीब 3000 किसानों ने निर्धारित समय के भीतर अपने जवाब संबंधित कार्यालय में जमा करा दिए, लेकिन लंबे समय बाद भी प्रकरणों का निस्तारण नहीं हो सका। किसानों ने इसे प्रशासनिक उदासीनता बताया।
पंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे किसान नेता महेंद्र सिंह त्यागी ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण किसानों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। उनका कहना था कि कृषि योग्य जमीन को बचाना आवश्यक है, क्योंकि यही ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा का आधार है।
किसानों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी मिल चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। पंचायत में किसानों ने चेतावनी दी कि यदि योजना वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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