मेरठ विशेष कार्यबल ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति का झांसा देकर अभ्यर्थियों से बड़ी रकम वसूलने का आरोप है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है।विशेष कार्यबल के अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। जांच के दौरान जानकारी मिली कि मुरादाबाद जनपद के डिलारी क्षेत्र का रहने वाला अशरफ अली अपने साथियों के साथ मिलकर युवाओं को नौकरी दिलाने का लालच देकर ठगी कर रहा है।सूचना के आधार पर टीम ने मुरादाबाद में घेराबंदी कर अशरफ अली और उसके साथी विवेक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह रेलवे, सेना, डाक विभाग, वन विभाग सहित कई सरकारी संस्थानों में भर्ती कराने का झूठा दावा करता था।जांच में यह भी पता चला कि आरोपी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को निशाना बनाते थे। पहले चयन प्रक्रिया और नियुक्ति संबंधी झूठी जानकारी देकर उनका विश्वास जीता जाता था। इसके बाद प्रत्येक अभ्यर्थी से लाखों रुपये लिए जाते थे। अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में एक अभ्यर्थी से दस लाख रुपये तक वसूले गए।रकम लेने के बाद आरोपी विभागों के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र और नकली पहचान पत्र तैयार कर अभ्यर्थियों को सौंप देते थे। कई बार ये दस्तावेज संदेश माध्यम या ई-पत्र के जरिए भेजे जाते थे। पीड़ितों को ठगी का पता तब चलता था, जब वे संबंधित विभाग में नियुक्ति के लिए पहुंचते थे।जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी साक्ष्य मिटाने के लिए उपयोग किए गए दूरभाष क्रमांक और सिम कार्ड भी नष्ट कर देते थे। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। युवाओं से अपील की गई है कि भर्ती संबंधी जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी माध्यमों से ही प्राप्त करें।