मुजफ्फरनगर के मिमलाना गांव की एक महिला ने भूमि विवाद को लेकर सदर तहसील के लेखपाल और कानूनगो पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचने पर उसे राहत देने के बजाय कथित रूप से धमकाया गया। पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।शुक्रवार को पीड़िता रसीला पत्नी कालू अपने भाई के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचीं और जिलाधिकारी के नाम शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की कार्यशैली के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है और उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा।पीड़िता के अनुसार, उन्होंने ग्राम मिमलाना स्थित खसरा संख्या 518 की भूमि क्रय की थी। भूमि पर उन्होंने चारदीवारी कराने के साथ एक कमरा भी बनवाया था। आरोप है कि 27 जून को गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और कथित रूप से कमरे, बरामदे तथा दीवारों को क्षतिग्रस्त कर दिया।महिला का कहना है कि इस भूमि विवाद में आयुक्त स्तर से आदेश जारी हो चुके हैं, जिनमें केवल कब्जा दिलाने की प्रक्रिया अपनाने के निर्देश थे। इसके बावजूद निर्माण गिरा दिया गया। उनका दावा है कि इस आदेश के विरुद्ध मामला प्रयागराज स्थित राजस्व परिषद में विचाराधीन है।पीड़िता ने लेखपाल और कानूनगो की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जब वह अपनी शिकायत लेकर उनके पास पहुंचीं तो उनकी बात सुनने के बजाय कथित रूप से दबाव बनाया गया और आपत्तिजनक शब्द कहे गए।महिला ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने, संबंधित राजस्व अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने तथा निर्माण तोड़ने के आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।