मुजफ्फरनगर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और अवैध चिकित्सा संस्थानों पर शिकंजा कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को दोहरी कार्रवाई की। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जानसठ का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, वहीं उनके निर्देशन में मीरापुर क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान छह अवैध अस्पताल, क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब सील कर दिए गए तथा चार अन्य संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

सीएचसी जानसठ के निरीक्षण के दौरान डॉ. सुनील तेवतिया ने इमरजेंसी कक्ष, ओपीडी, औषधि भंडारण कक्ष, लेबर रूम तथा ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने, अस्पताल परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित करने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा कर अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अर्जुन सिंह भी मौजूद रहे।उधर, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महक सिंह के नेतृत्व में मीरापुर में चलाए गए अभियान के दौरान कई निजी स्वास्थ्य संस्थान बिना वैध पंजीकरण और आवश्यक मानकों के संचालित मिले। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपूर्वा फिजियोथैरेपी सेंटर, हुमैरा मेडिकल क्लिनिक, भारत पैथोलॉजी लैब, ह्यूमन केयर लैब, रोजी क्लिनिक फिजियोथैरेपी सेंटर तथा एक बिना नाम से संचालित लैब को सील कर दिया। इसके अलावा चार अन्य अस्पतालों और क्लीनिकों को अनियमितताओं के चलते कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने कहा कि जिले में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों, क्लीनिकों और लैबों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। बिना वैध अनुमति और निर्धारित मानकों के किसी भी स्वास्थ्य संस्थान का संचालन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से भी केवल पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थानों में ही उपचार कराने और किसी भी अवैध अस्पताल या लैब की सूचना स्वास्थ्य विभाग को देने की अपील की।