मेरठ। देशभर में सुर्खियों में रहे बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी को आजीवन कारावास और सह-आरोपी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चल रहे इस चर्चित मुकदमे का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया।अभियोजन के अनुसार, पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई थी। हत्या के बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव के कई टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट से भरे एक नीले ड्रम में बंद कर दिया गया। मामले का खुलासा होने के बाद इसकी क्रूरता ने पूरे देश को झकझोर दिया था। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य, घटनास्थल से जुटाए गए सबूत और गवाहों के आधार पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध मजबूत आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने मुस्कान रस्तोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि सह-आरोपी साहिल शुक्ला के मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए उसे फांसी की सजा से दंडित किया। फैसले के दौरान न्यायालय परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।फैसले के बाद मृतक सौरभ राजपूत के परिजनों ने न्यायपालिका के प्रति विश्वास जताते हुए निर्णय का स्वागत किया। वहीं, यह फैसला प्रदेश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक के रूप में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।