चमोली। श्री बदरीनाथ धाम मंदिर में दो जुलाई को चढ़ावे की नकदी की गिनती के दौरान कथित अनियमितता के मामले में गठित चार सदस्यीय विभागीय जांच समिति ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट में घटना से जुड़े तथ्यों का विस्तृत उल्लेख किया गया है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने संबंधी कई सुझाव भी दिए गए हैं।सूत्रों के मुताबिक करीब 18 पृष्ठों की जांच रिपोर्ट में उपलब्ध अभिलेखों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रारंभिक जांच के दौरान आरोपी पर एक से अधिक बार चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी करने के संकेत मिले हैं। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच रिपोर्ट के परीक्षण के बाद लिया जाएगा।जांच समिति ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में दान गिनती कक्ष में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा मंदिर के परिक्रमा मार्ग पर मौजूद ब्लाइंड स्पॉट को भी निगरानी व्यवस्था से जोड़ने का सुझाव दिया गया है। समिति का मानना है कि इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान समिति को घटना से पहले केवल 14 दिनों तक के सीसीटीवी फुटेज ही उपलब्ध हो सके। बताया गया कि वर्तमान में लगे कैमरों की गुणवत्ता और उनकी रिकॉर्डिंग क्षमता सीमित होने के कारण पुराने फुटेज सुरक्षित नहीं रह पाए। जांच टीम ने उपलब्ध रिकॉर्डिंग के आधार पर घटना और उससे पूर्व की गतिविधियों का परीक्षण किया।गौरतलब है कि श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने सात जुलाई को अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल को प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर निलंबित कर दिया था। इससे पहले तीन जुलाई को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। समिति का कहना है कि जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार आगे की प्रशासनिक और विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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