मुजफ्फरनगर। धार्मिक नगरी शुकतीर्थ स्थित श्री शुकदेव आश्रम में मंगलवार को ब्रह्मलीन स्वामी कल्याणदेव महाराज की 22वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सादगी के साथ मनाई गई। इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संतों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आश्रम परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ और पूजन भी संपन्न हुआ।कार्यक्रम में श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए स्वामी ओमानंद महाराज ने स्वामी कल्याणदेव महाराज के शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में दिए योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने अपने जीवनकाल में सैकड़ों शिक्षण संस्थानों की स्थापना कर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार किया। उनके प्रयासों से हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला और समाज को नई दिशा मिली।मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि स्वामी कल्याणदेव महाराज का जीवन सेवा, शिक्षा और आध्यात्मिक मूल्यों का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने शुकतीर्थ में गंगा की अविरल धारा बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से आवश्यक स्तर पर बातचीत करने का आश्वासन भी दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि स्वामी कल्याणदेव महाराज ने ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की जो अलख जगाई, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए कृषि और शिक्षा दोनों का मजबूत होना आवश्यक है।श्रद्धांजलि सभा में सांसद हरेंद्र मलिक ने स्वामी कल्याणदेव महाराज के नाम पर जनपद में एक राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इससे उनकी शिक्षा और समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, विधान परिषद सदस्य वंदना वर्मा तथा अन्य वक्ताओं ने भी स्वामी जी के आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।कार्यक्रम में हनुमंत धाम के पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप आनंद सरस्वती, गोवर्धन दास महाराज, एसडीएम रश्मि लांबा, पूर्व सांसद सईदुज्जमा, पूर्व विधायक प्रमोद ऊंटवाल सहित बड़ी संख्या में संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर आश्रम परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।