मुजफ्फरनगर। मेरठ के रोहटा क्षेत्र में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले में मंगलवार को अनुसूचित जाति-जनजाति संयुक्त एकता संघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मामले की सीबीआई अथवा विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने, दोषियों को कठोर सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की गई।जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि 15 मई 2026 को हुई छात्रा की हत्या ने समाज में चिंता पैदा की है। उनका आरोप है कि मामले की शुरुआती जांच में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती गई। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आ सकें और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो सके।ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए और छह माह के भीतर फैसला सुनाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। संगठन ने कहा कि इस तरह के मामलों में त्वरित न्याय से समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत होगा।संगठन ने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा परिवार और मुख्य गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें शस्त्र लाइसेंस उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही घटना के विरोध में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी की गई।ज्ञापन सौंपने के दौरान अनुसूचित जाति-जनजाति संयुक्त एकता संघ के पदाधिकारियों के अलावा विभिन्न सामाजिक, दलित और बौद्ध संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में निष्पक्ष जांच, त्वरित न्याय और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।

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