मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत अलावलपुर में सरकारी राशन वितरण में अनियमितता का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने निलंबित उचित दर विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जांच में पाया गया कि जून 2026 का राशन ई-पॉस मशीन पर वितरित दिखाया गया, जबकि अनेक पात्र लाभार्थियों को खाद्यान्न नहीं मिला। जांच के दौरान 19.77 कुंतल गेहूं और 12.92 कुंतल चावल का कोई रिकॉर्ड मौके पर नहीं मिला। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की गई है।मामले की शुरुआत गांव के राशन कार्डधारकों की शिकायत से हुई। ग्रामीण विजय और बिद्दू ने प्रशासन को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि जून माह का राशन वितरण नहीं किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर अधिकारियों ने गांव में खुली जांच की, जिसमें 55 राशन कार्डधारकों ने बयान दर्ज कराए। लाभार्थियों का कहना था कि उनसे ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर पर्ची तो निकाल ली गई, लेकिन राशन नहीं दिया गया।प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर उचित दर विक्रेता राजीव कुमार की दुकान निलंबित कर दी गई और राशन वितरण की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से विजय लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह को सौंप दी गई। साथ ही निलंबित विक्रेता को निर्देश दिया गया कि उपलब्ध शेष खाद्यान्न नए विक्रेता को सौंप दिया जाए, ताकि पात्र लोगों को समय पर राशन मिल सके।हालांकि नए विक्रेता ने प्रशासन को बताया कि कई बार संपर्क करने के बावजूद उसे खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद अधिकारियों ने दुकान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दुकान में खाद्यान्न का स्टॉक नहीं मिला, जबकि ई-पॉस और विभागीय अभिलेखों में पर्याप्त मात्रा में गेहूं और चावल दर्ज था।जांच अधिकारियों ने इसे सरकारी खाद्यान्न की हेराफेरी का मामला मानते हुए अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी। अनुमति मिलने के बाद अपर राज्य पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर आरोपी उचित दर विक्रेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी, कालाबाजारी या किसी भी प्रकार की अनियमितता करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।