बिजनौर। जनपद में एक ग्रामीण की मौत को पहले गुलदार के हमले का मामला माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की गहन जांच में पूरा घटनाक्रम हत्या का निकला। जांच के दौरान सामने आया कि मृतक की हत्या उसके ही बेटे ने की थी। आरोप है कि वारदात को छिपाने के लिए शव को जंगल में ले जाकर इस तरह रखा गया, जिससे मामला गुलदार के हमले जैसा प्रतीत हो। पुलिस ने आरोपी पुत्र को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया है।घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने बताया था कि ग्रामीण पर गुलदार ने हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। शव पर मिले घाव और जंगल में मिलने के कारण शुरुआत में इसे वन्यजीव के हमले से जोड़कर देखा गया। हालांकि घटनास्थल का निरीक्षण और परिस्थितियों का मिलान करने पर पुलिस को कई तथ्य संदिग्ध लगे, जिसके बाद मामले की गहन जांच शुरू की गई।पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, घटनास्थल से मिले सुरागों और परिजनों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इस दौरान मृतक के बेटे की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने पिता की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में उसने घटना के पीछे पारिवारिक कारण बताए, जिनकी पुलिस सत्यता की भी जांच कर रही है।पुलिस के अनुसार आरोपी ने हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने और लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को जंगल में ले जाकर गुलदार के हमले का रूप देने का प्रयास किया। ताकि मुआवजे में 5 लाख रुपये मिल सके। लेकिन घटनास्थल से मिले साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी तथ्यों ने पूरी कहानी बदल दी। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि मौत किसी जंगली जानवर के हमले से नहीं, बल्कि हत्या के कारण हुई थी।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक साक्ष्य भी बरामद कर लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच पूरी कर आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
