मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण अभियान के आठवें चरण का बुधवार को शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कलेक्ट्रेट परिसर से सचल पशु चिकित्सा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने विकास भवन परिसर से मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों को अभियान के लिए रवाना किया। अभियान के तहत आगामी 45 दिनों में जनपद के पांच लाख से अधिक दुधारू पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा।शुभारंभ अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से अभियान को पूरी निष्ठा के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक पशुओं को टीकाकरण का लाभ मिल सके।भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने पशुपालन विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान के साथ-साथ निराश्रित पशुओं के उपचार और संरक्षण के कार्यों को भी पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने पशुपालकों से भी अभियान में सहयोग करने और अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने की अपील की।मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि अभियान सितंबर तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान 31 टीमें गांव-गांव जाकर कुल 5 लाख 31 हजार 200 दुधारू पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण करेंगी। उन्होंने कहा कि सभी टीमों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं और अभियान की नियमित निगरानी भी की जाएगी।अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित कौशिक ने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक संक्रामक रोग है, जिसमें पशुओं को तेज बुखार आने के साथ मुंह और पैरों में छाले हो जाते हैं। इससे पशु चारा और पानी लेना बंद कर देता है तथा धीरे-धीरे उसकी शारीरिक स्थिति कमजोर होती जाती है। उन्होंने पशुपालकों से वर्ष में दो बार नियमित टीकाकरण कराने की अपील करते हुए कहा कि समय पर बचाव ही इस रोग से पशुओं की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। अभियान के शुभारंभ के अवसर पर पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं विभिन्न विकास खंडों के पशु चिकित्सा अधिकारी भी उपस्थित रहे।