मुजफ्फरनगर। नीट परीक्षा विवाद और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा ने बुधवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई।संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने टाउन हॉल स्थित कार्यालय पर एकत्र होकर अपनी मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। प्रशासन की ओर से न्यायिक उप जिलाधिकारी कृष्ण कुमार ने मौके पर पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन में नीट परीक्षा से जुड़े विवाद की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराने के साथ छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।मोहन प्रजापति ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका आरोप था कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ बल प्रयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के अनुरूप नहीं है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।ज्ञापन में केंद्र सरकार से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई। संगठन ने कहा कि यदि छात्रों के हितों की अनदेखी की गई तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन पर विचार किया जाएगा।प्रशासन की ओर से ज्ञापन संबंधित स्तर तक भेजने का आश्वासन दिया गया। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश और जिला पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा परीक्षा व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।