नई दिल्ली। सीजेपी छात्र आंदोलन से जुड़े स्वयंसेवक जुनेद मलिक ने अपने और परिवार के साथ कथित पुलिस कार्रवाई को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में गाजियाबाद पुलिस पर अवैध हिरासत, धमकाने और परिवार के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले में अदालत ने अभी कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया है।याचिका के अनुसार, जुनेद मलिक का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और बाद में देहरादून रोड पर छोड़ दिया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई बिना उचित प्रक्रिया अपनाए की गई। उन्होंने इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की है।याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके पिता को भी कथित रूप से हिरासत में लिया तथा उनके घर पर छापेमारी की। इसके अलावा उनकी बहन के ससुराल पक्ष पर भी पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने की बात याचिका में कही गई है। इन घटनाओं को परिवार पर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास बताया गया है।सुप्रीम कोर्ट से दायर याचिका में जुनेद मलिक ने अपने परिवार के खिलाफ कथित पुलिस उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाने, सभी संबंधित लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा कानून के अनुरूप संरक्षण देने का अनुरोध किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की है।फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है और अदालत की ओर से अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया गया है। वहीं, समाचार लिखे जाने तक गाजियाबाद पुलिस की ओर से याचिका में लगाए गए आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अब इस प्रकरण में न्यायालय की अगली सुनवाई और उसके निर्देशों पर सभी की नजर बनी हुई है।
