मुजफ्फरनगर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ कर दिया है। पहली बार जनपद में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की सक्रिय तैनाती की गई है। बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में एटीएस कमांडो, पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बलों ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर संयुक्त फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया।फ्लैग मार्च के दौरान यात्रा मार्ग, प्रमुख चौराहों तथा संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया गया। ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को सतर्कता के साथ दायित्व निभाने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।पुलिस प्रशासन का कहना है कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पूरे कांवड़ मार्ग पर एटीएस कमांडो और पुलिस की संयुक्त निगरानी की व्यवस्था की गई है। यात्रा के दौरान किसी भी आतंकी गतिविधि, असामाजिक तत्वों की हरकत या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के प्रयासों को विफल करने के लिए विशेष सुरक्षा योजना लागू की गई है।अधिकारियों के अनुसार भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। आधुनिक सुरक्षा उपकरणों, नियमित गश्त और लगातार निगरानी के माध्यम से पूरे मार्ग पर नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी संभावित स्थिति का समय रहते सामना किया जा सके और श्रद्धालुओं की यात्रा निर्बाध बनी रहे।फ्लैग मार्च के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने विभिन्न स्थानों पर रुककर कांवड़ियों से संवाद भी किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षित और निर्विघ्न यात्रा सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने और छोटी-छोटी बातों पर विवाद से बचने की अपील की।एसएसपी ने कहा कि यदि किसी श्रद्धालु को कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम पुलिसकर्मी अथवा पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें। उन्होंने बताया कि एटीएस, स्थानीय पुलिस, यातायात पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ पूरी यात्रा अवधि में लगातार सुरक्षा जांच, फ्लैग मार्च और निगरानी अभियान चलाती रहेंगी, जिससे कांवड़ यात्रा सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा सके।