मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान बुधवार को मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर एक अनोखी कांवड़ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी। अलीगढ़ जिले के खैर क्षेत्र के बिलखेड़ा निवासी शिवभक्त संजीव कुमार अपनी 10 वर्षीय भांजी देवांशी और आठ वर्षीय बेटी राधा को पालकियों में बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिव चौक पहुंचे। उनकी इस पहल का उद्देश्य समाज में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और बेटियों के सम्मान का संदेश देना था।शिव चौक पर जैसे ही संजीव कुमार अपनी अनूठी कांवड़ के साथ पहुंचे, वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया और बच्चियों का आशीर्वाद लेकर उनकी सोच की सराहना की। बड़ी संख्या में लोगों ने इस पहल को सामाजिक जागरूकता से जुड़ा प्रेरक प्रयास बताया।संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने 22 जुलाई को हरिद्वार से अपनी कांवड़ यात्रा शुरू की थी। यात्रा के दौरान एक पालकी में उनकी बेटी राधा और दूसरी पालकी में भांजी देवांशी विराजमान रहीं। गंगाजल भी पालकी के साथ सुरक्षित रखा गया। कई दिनों की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद वह मुजफ्फरनगर पहुंचे।उन्होंने कहा कि इस संकल्प यात्रा में उनकी पत्नी बीना देवी भी बराबर की सहभागी हैं। पति-पत्नी दोनों कंधे से कंधा मिलाकर पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ कांवड़ यात्रा पूरी कर रहे हैं। उनका मानना है कि धार्मिक यात्रा केवल आस्था का माध्यम ही नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश देने का भी अवसर है।संजीव कुमार ने कहा कि आज भी समाज के कई हिस्सों में बेटा और बेटी के बीच भेदभाव देखने को मिलता है। उनकी इच्छा है कि लोग बेटियों को परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सम्मान और गौरव का प्रतीक समझें। इसी सोच को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उन्होंने इस बार पारंपरिक कांवड़ के स्थान पर बच्चियों को पालकी में बैठाकर यात्रा करने का निर्णय लिया।शिव चौक पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आस्था के साथ सामाजिक संदेश जोड़ने वाले ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का कार्य करते हैं।
