मुजफ्फरनगर, 2 अगस्त 26। श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया शनिवार को विभिन्न कांवड़ चिकित्सा शिविरों में पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के साथ स्वयं कांवड़ यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, घायलों की मरहम-पट्टी की और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को श्रद्धालुओं को समय पर बेहतर उपचार देने के निर्देश भी दिए।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने वहलना चौक, नहर पटरी जौली, दाहाखेड़ी तथा नंगला मदौड़ में बनाए गए चिकित्सा शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरण, एंबुलेंस सेवा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने मौजूद चिकित्सकों से कहा कि किसी भी कांवड़ यात्री को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े और सभी को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।डॉ. तेवतिया ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। सभी चिकित्सा शिविरों में चिकित्सक, पैरामेडिकल कर्मी और एंबुलेंस चौबीसों घंटे तैनात हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सेवा कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रत्येक श्रद्धालु के साथ संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ व्यवहार किया जाए।कांवड़ चिकित्सा शिविरों का निरीक्षण करने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का भी जायजा लिया। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरना, बहादरपुर और सिखेड़ा पहुंचकर मरीजों को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, दवा वितरण और जांच व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य मेले में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार मिले और शासन की सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि कांवड़ यात्रा तथा नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक श्रद्धालु और मरीज को बेहतर तथा समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।