शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र की अहमदगढ़ चौकी के अंतर्गत पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश फुरकान उर्फ दीमका मारा गया। पुलिस के अनुसार फुरकान कुख्यात मुनीम काला गिरोह का सक्रिय सदस्य था और उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लूट सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। लंबे समय से फरार चल रहे फुरकान की गिरफ्तारी पर शासन ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।पुलिस के मुताबिक सूचना मिली थी कि फुरकान अहमदगढ़ चौकी क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान बदमाश ने पुलिस पर गोली चला दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें फुरकान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुरकान लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बाहर था और उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। उसके विरुद्ध विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी, लूट और अन्य संगीन अपराधों के कई मुकदमे दर्ज हैं। वह संगठित अपराध से जुड़े गिरोह के लिए सक्रिय रूप से काम करता था और कई मामलों में वांछित चल रहा था।जांच में यह भी सामने आया है कि फुरकान का नाम कैराना के चर्चित व्यापारी हत्याकांड से जुड़े मामले में भी सामने आया था। पुलिस के अनुसार वह उस प्रकरण में भी वांछित था। इसके अलावा उसके आपराधिक नेटवर्क और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ के बाद पूरे घटनाक्रम की विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। साथ ही फुरकान के सहयोगियों और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जनपद में संगठित अपराध के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।