मुजफ्फरनगर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार मुजफ्फरनगर के ऐतिहासिक शिव चौक पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। दिल्ली निवासी एक श्रद्धालु अपने दो छोटे बच्चों को कांवड़ के दोनों पलड़ों में बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। उनकी इस अनूठी यात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग शिव चौक पर एकत्र हुए और कई श्रद्धालुओं ने इस पल को अपने कैमरों में भी कैद किया।दिल्ली निवासी सतीश ने कांवड़ के एक पलड़े में अपनी पांच वर्षीय बेटी और दूसरे पलड़े में ढाई वर्षीय बेटे को बैठाया है। दोनों बच्चों को साथ लेकर वह हर दिन करीब 10 से 15 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों के साथ यात्रा करना आसान नहीं है, लेकिन भगवान शिव में उनकी आस्था उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की शक्ति दे रही है। बच्चों की मौजूदगी के बावजूद उन्हें किसी प्रकार की थकान या परेशानी का अनुभव नहीं हो रहा।सतीश ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना नहीं है, बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से जोड़ना भी है। उनका मानना है कि यदि बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार दिए जाएं तो वे बड़े होकर अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करना सीखते हैं।इस यात्रा में उनकी पत्नी अंजलि भी पूरे समय उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। उन्होंने बताया कि बेटे के स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना को लेकर उन्होंने भगवान शिव से मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने के बाद परिवार ने कांवड़ यात्रा का संकल्प लिया और इसके बाद बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए भी जाने की योजना बनाई है।शिव चौक पर मौजूद श्रद्धालुओं ने इस परिवार के संकल्प और आस्था की सराहना की। लोगों का कहना था कि यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने का भी प्रेरक संदेश देती है।