मुजफ्फरनगर। श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान बुर्का पहनकर कांवड़ ले जा रही मुस्लिम महिला को पुलिस की ओर से नोटिस दिए जाने का मामला सामने आया है। महिला का कहना है कि वह अपनी धार्मिक आस्था के चलते कांवड़ यात्रा में शामिल हुई थी, जबकि पुलिस ने यात्रा के दौरान उसकी पहचान और उद्देश्य को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। इस घटनाक्रम के बाद मामला सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।जानकारी के अनुसार, तमन्ना मलिक अपने पति अनिशा मलिक के साथ हरिद्वार से गंगाजल लेकर रतनपुरी स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए जा रही थीं। यात्रा के दौरान उन्होंने बुर्का पहन रखा था। उनका कहना है कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना उनका उद्देश्य नहीं था। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत आस्था और भगवान शिव के प्रति श्रद्धा का विषय बताया।तमन्ना मलिक का कहना है कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी आस्था के अनुसार पूजा-अर्चना करने और सभी धर्मों का सम्मान करने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम होने के साथ-साथ भगवान शिव में भी विश्वास रखती हैं और इसी भावना से कांवड़ यात्रा कर रही हैं।महिला ने बताया कि रतनपुरी थाना पुलिस की ओर से उन्हें नोटिस जारी कर यह पूछा गया कि उन्होंने बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा किस उद्देश्य से की और इसके लिए क्या अनुमति ली गई थी। उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस के नोटिस का लिखित उत्तर दे दिया है और जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं।उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य समाज में महिलाओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है। उनके अनुसार, सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वह निर्धारित तिथि पर रतनपुरी स्थित शिव मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक भी करेंगी।इस मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने इसे व्यक्ति की धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देखा है, जबकि कुछ ने कांवड़ यात्रा की परंपराओं और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस की कार्रवाई को उचित बताया है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि नोटिस सामान्य पूछताछ और तथ्यों के सत्यापन की प्रक्रिया का हिस्सा है तथा मामले की जांच नियमानुसार की जा रही है।