मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत ऋण स्वीकृति और वितरण की धीमी प्रगति पर मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने नाराजगी जताई। उन्होंने बैंक अधिकारियों को पात्र युवाओं के लंबित ऋण प्रकरणों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।विकास भवन सभागार में हुई समीक्षा बैठक में योजना की बैंकवार स्थिति देखी गई। इसमें ऋण स्वीकृति, वितरण और लंबित आवेदनों की जानकारी ली गई। निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले कम प्रगति मिलने पर सीडीओ ने अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए।समीक्षा में एक्सिस बैंक की प्रगति बेहद कम मिली। वित्तीय वर्ष में केवल एक ऋण वितरित किए जाने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने उपायुक्त उद्योग जैस्मीन को बैंक के शाखा प्रबंधक के खिलाफ लिखित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन शाखाओं में अभी तक एक भी ऋण वितरित नहीं हुआ है, वहां के शाखा प्रबंधकों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए।एचडीएफसी बैंक, इंडियन बैंक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक और बैंक आफ इंडिया की अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर भी सीडीओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों के मामलों में तेजी लाने और ऋण वितरण बढ़ाने को कहा।बैठक में पंजाब नेशनल बैंक की कुतुबपुर, कवाल, रोहना कलां, छपार, सुजड़ू, कल्याणपुर फुगाना, खुड्डा और कोर्ट रोड शाखाओं की भी समीक्षा हुई। इन शाखाओं को योजना के तहत अधिक सक्रियता से काम करने के निर्देश दिए गए।बैठक में अनुपस्थित रहने वाले बैंक आफ इंडिया के जिला समन्वयक, बैंक आफ बड़ौदा की पुरकाजी और रुड़की रोड शाखा, डिन्दावली तथा एसबीआई रोहना कलां के शाखा प्रबंधकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।सीडीओ ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा योजना शासन की प्राथमिकता में है। पात्र युवाओं को योजना का लाभ समय पर मिलना चाहिए। ऋण प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में सहायक आयुक्त उद्योग आशीष कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक अनिल कुमार सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।