मुजफ्फरनगर, 2 सितंबर 26। आत्मा योजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र बघरा और चितौड़ा में दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के सभी विकासखंडों से आए 1002 किसानों ने भाग लिया। बघरा केंद्र पर 554 और चितौड़ा केंद्र पर 448 किसानों ने प्रशिक्षण लिया।कृषि विज्ञान केंद्र चितौड़ा में कार्यक्रम का संचालन डा. संजीव कुमार ने किया। उन्होंने किसानों को बीज उत्पादन की नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डा. यशपाल सिंह ने फल उत्पादन और बागवानी से जुड़ी उपयोगी जानकारी साझा की। डा. रीना देवी ने फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया।डा. पूजा ने मिलेट्स (श्रीअन्न) के लाभ और उनसे तैयार होने वाले खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को श्रीअन्न की खेती के लिए प्रोत्साहित किया। मंसूरपुर चीनी मिल के जीएम उत्तम वर्मा ने गन्ने में रेड रॉट और टॉप बोरर जैसी बीमारियों व कीटों से बचाव के उपाय बताए। साथ ही गन्ने के बीज शोधन की विधि की जानकारी दी।कृषि विज्ञान केंद्र बघरा में कार्यक्रम का संचालन मीतू, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक, ग्रुप-ए ने किया। उन्होंने कृषि यंत्रों, पराली प्रबंधन और मशरूम की खेती के बारे में जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डा. हंसराज ने किसानों को श्रीअन्न के लाभ, उत्पादन और प्राकृतिक खेती की जानकारी दी।डा. वीरेंद्र ने फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों की पहचान और उनसे बचाव के उपाय बताए। डा. दीपक ने पशुओं के रखरखाव, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के तरीकों तथा पशुओं में होने वाली बीमारियों और बांझपन की रोकथाम के संबंध में जानकारी दी।उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही ने कृषि विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को दी। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, फसल प्रबंधन में सुधार करने और खेती से अधिक आय प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।