मुजफ्फरनगर। जानसठ रोड स्थित आशीर्वाद बैंकट हॉल में नचिकेता स्कूल की ओर से अभिभावक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इसमें अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई, व्यवहार, व्यक्तित्व विकास, खेलकूद और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई।कार्यक्रम में स्कूल के डायरेक्टर अनुराग सिंघल ने स्मार्ट स्लाइड बोर्ड के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों की जरूरतों और उनकी क्षमताओं को समझने के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि हर बच्चा अलग क्षमता और प्रतिभा लेकर आता है। ऐसे में बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से करने के बजाय उनकी रुचि और क्षमता को पहचानना चाहिए।उन्होंने कहा कि परीक्षा में कम नंबर आने पर बच्चे को डांटने या हतोत्साहित करने से समस्या का समाधान नहीं होता। अभिभावकों को बच्चे की कमजोरी समझकर उसका हौसला बढ़ाना चाहिए और उसे आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
पढ़ाई के साथ खेलकूद भी जरूरी
सत्र में पढ़ाई में कमजोर बच्चों पर अभिभावकों और शिक्षकों को मिलकर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। साथ ही बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। बताया गया कि खेल बच्चों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और हार-जीत को स्वीकार करने की भावना विकसित करते हैं।
ऑनलाइन गेमिंग से दूरी की सलाह
बच्चों में बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग के प्रभाव पर भी अभिभावकों को जागरूक किया गया। उन्हें बच्चों के मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग के समय को सीमित करने की सलाह दी गई। साथ ही बच्चों को परिवार के साथ पारंपरिक खेल खेलने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई।अनुराग सिंघल ने अभिभावकों से बच्चों के साथ लूडो और सांप-सीढ़ी जैसे खेल खेलने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे खेलों के माध्यम से बच्चों में धैर्य, रणनीति बनाने, निर्णय लेने और जीवन के उतार-चढ़ाव को स्वीकार करने की समझ विकसित की जा सकती है।सत्र के दौरान अभिभावकों को बच्चों से संवाद बनाए रखने, उनकी समस्याओं को ध्यान से सुनने और उनकी छोटी-छोटी सफलताओं पर भी उनका हौसला बढ़ाने के सुझाव दिए गए। कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने सत्र की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें बच्चों को बेहतर ढंग से समझने और उनके भविष्य को संवारने के लिए उपयोगी जानकारी मिली।
