लखनऊ/प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही शिक्षक भर्ती से जुड़े मामलों पर भी ध्यान देने की बात कही। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। ये नियुक्तियां सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों में की गई हैं। मुख्यमंत्री ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्धारित समय के भीतर भर्ती पूरी करने के लिए शिक्षा सेवा चयन आयोग की सराहना की।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में टीजीटी-पीजीटी अभ्यर्थियों के चल रहे आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री से राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को पत्र लिखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल सके और आगे की शिक्षा में भी रास्ते खुले रहें।प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी पुरानी नियमावली के अनुसार भर्ती प्रक्रिया संचालित करने की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती, पुरानी परीक्षा पद्धति लागू करना और नई नियमावली से प्रभावित अभ्यर्थियों को कम से कम दो अतिरिक्त अवसर देना शामिल है। अभ्यर्थियों का कहना है कि नियमों में बदलाव से उनकी भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई है।मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी सुविधाओं को बढ़ाने, विद्यालयों में बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने और विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी नई तकनीकों के उपयोग तथा शिक्षण संस्थानों में सुधार की आवश्यकता बताई। संबोधन में युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार देने और सरकारी भर्ती व्यवस्था को मजबूत बनाने का भी उल्लेख किया गया।