मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए सेवा नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। संगठन ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।कर्मचारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेशभर में बड़ी संख्या में संविदाकर्मी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन कर रहे हैं। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सेवा लाभ और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही है।मांगपत्र में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के साथ समान कार्य के लिए समान वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक समान वेतन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक उनके वर्तमान मानदेय में तत्काल वृद्धि की जाए। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग में स्वीकृत नहीं किए गए पदों का सृजन कर उन पर कार्यरत कर्मचारियों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की गई।कर्मचारियों ने अपने और आश्रित परिवारों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की पारिवारिक नकद रहित स्वास्थ्य बीमा सुविधा, महंगाई भत्ता, भविष्य निधि में नियोक्ता अंशदान, मकान किराया भत्ता, सरकारी आवास और उपादान का लाभ देने की मांग की। रिक्त पदों पर गैर-जनपद स्थानांतरण नीति बहाल करने तथा सेवाकाल में कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र आश्रितों को अनुकंपा संबंधी लाभ देने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने शासन से मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई।