मुजफ्फरनगर। आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वस्थ भविष्य की नींव मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन सभागार में 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया गया। आयुष विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और चिकित्सा विशेषज्ञों ने आयुर्वेदिक जीवनपद्धति, संतुलित खानपान तथा औषधीय पौधों के महत्व पर विचार रखे। इस अवसर पर विभागीय कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष संजय राठी और मुख्य विकास अधिकारी कण्डारकर कमल किशोर देशभूषण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. इसमपाल ने अतिथियों का औषधीय पौधे भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने आयुर्वेद दिवस के आयोजन और विभाग की गतिविधियों की जानकारी साझा की।भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने लोगों से आयुर्वेद आधारित जीवनशैली अपनाने और अस्वास्थ्यकर भोजन से बचने का आह्वान किया। संजय राठी ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई। नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने घरों में इस्तेमाल होने वाले औषधीय गुणों से भरपूर मसालों और जड़ी-बूटियों के उचित उपयोग के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने बिना चिकित्सकीय सलाह के आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन नहीं करने की बात कही।कार्यक्रम में डॉ. साक्षी जैन, डॉ. प्रिया शर्मा और डॉ. अमित ने आयुर्वेदिक दिनचर्या तथा औषधीय पौधों से जुड़े विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। डॉ. वीरपाल निर्वाल ने पारंपरिक उपचार पद्धति की उपयोगिता पर विचार रखे। होम्योपैथिक विभाग से डॉ. अक्षय कुमार कात्यायन, डॉ. अनुज कुमार और डॉ. प्रीति गुप्ता सहित अन्य संबंधित चिकित्सक उपस्थित रहे।समापन पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. इसमपाल ने सभी अतिथियों, अधिकारियों और चिकित्सकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने आयुर्वेद के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और विभागीय गतिविधियों में सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया। विशेष योगदान करने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव कुमार ने किया।