लखनऊ। गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी आश्रम पहुंचकर चरखा चलाया और महात्मा गांधी के स्वदेशी व स्वावलंबन के विचारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने शांतिपूर्ण आंदोलनों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम को जनआंदोलन का रूप दिया। उनका जीवन देशवासियों को आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की प्रेरणा देता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि चरखा केवल कपड़ा तैयार करने का साधन नहीं, बल्कि भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। गांधी जी ने स्वदेशी के माध्यम से लोगों में अपने देश में बने उत्पादों के प्रति सम्मान की भावना पैदा की थी। आज भी प्रत्येक नागरिक को स्वदेशी, स्वच्छता और स्वावलंबन को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।इससे पहले मुख्यमंत्री ने हजरतगंज स्थित जीपीओ पार्क पहुंचकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी नमन किया। कार्यक्रम में बच्चों ने गांधी जी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ और ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने बैठकर भजन सुने। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार खादी को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। गांधी जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश में खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से खादी को अपनाने के साथ कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के उत्पादों को प्रोत्साहित करने की अपील की।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने से कारीगरों और बुनकरों को आर्थिक मजबूती मिल सकती है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचार विकसित भारत की आधारशिला को मजबूत करने में महत्वपूर्ण हैं।लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी सादगी और दृढ़ता का उल्लेख किया। उन्होंने शास्त्री जी के ‘जय जवान, जय किसान’ के संदेश को याद करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में जवानों और खाद्य जरूरतों को पूरा करने में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।