अमरावती। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान मुरासु ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक देकर जनजीवन प्रभावित कर दिया। तूफान के दौरान 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।तूफान के असर से हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुईं। विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम से संचालित होने वाली 21 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। समुद्र में सामान्य से ऊंची लहरें उठने की आशंका के चलते मछुआरों और तटीय आबादी को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए।चक्रवात का प्रभाव आंध्र प्रदेश के अलावा तमिलनाडु और ओडिशा के कई इलाकों में भी दिखाई दिया। इन राज्यों के कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने जैसे एहतियाती कदम उठाए गए।आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य तेज रखने तथा बिजली, पानी और अन्य जरूरी सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। तमिलनाडु और कर्नाटक ने भी बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए कर्मचारियों और संसाधनों की मदद भेजी। प्रशासन की प्राथमिकता तूफान के दौरान जान-माल का नुकसान रोकना और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना है।